Posts

Showing posts with the label Short story

शायर ए ख्याल - कविताएं

Image
             शायर ए ख्याल एक शायर या एक लेखक किस तरह सोचता है? ऐसा क्या होता है उसके पास के वो किसी भी चीज़ से प्रभावित होता है और उसको एक अलग अंदाज़ में कागज़ पे उतार देता है? इसे मैं ऊपरवाले की मेहरबानी मानता हूं के उसने मुझे ये कला बख्शी और इस काबिल बनाया के मैं अपने ज़हन के अंदर जा कर हर बार कुछ नया निकाल ले आऊं। ज़िन्दगी में एक एहसास ही काफ़ी होता है कुछ कर जाने के लिए। मैैं भी अकेलेपन के गहने दश्त में कई रोज़ गुमनाम रहा तब मैंने इस कला को अपने अंदर से ढूंढ़ा। वो मेरी पहली कविता भी रात्रि के उस अंधकार में निकली जब नींद का मैं गुलाम ना था। मुझे मेरे सपने भी एक कविता की तरह दिखते थे। अपने सपनों और उसमे पैदा होती व्यथाओं पर भी एक कविता लिखी थी -                     सपने        ये उतावले सपने,        ये ही मेरे अपने,      ...

Short story- I.N.A. का कबूतर

Image
                          I.N.A का कबूतर    2015 ट्रेन में झटका फ़रक्का एक्सप्रेस आ गई दिल्ली शहर सुबह सात बजे। दिल्ली मेरे लिए मेरी स्वप्न नगरी थी, जैसे आम लोगों की मुंबई होती है। इस ट्रेन सफ़र में मेरे साथी थे मेरे दो जिगरी यार रोहन और इरफ़ान। इरफ़ान ने टिकट कराई थी और लखनऊ से हमारी ट्रेन चली। मैंने अपने तीन साल लखनऊ से बनारस सिर्फ वरुणा एक्सप्रेस की जनरल बोगी में काट दिए और ये इसलिए क्यूंकि ना तो मुझे टिकट कराना आता था और ना ही मुझे सीखने का कोई शौक था। लखनऊ में ग्रेजुएशन हो गया था हम तीनों का, रोहन और मैं साथ में लखनऊ विश्वविद्यालय में थे और इरफ़ान मियां दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र थे। रोहन को आगे M.C.A करना था, और उसके लिए कोचिंग की ज़रूरत थी जो कि मिलती दिल्ली में और वो कभी पहले दूसरे शहर में रहा नहीं था तो उसने अपने घर पर लोगों को बड़ी मशक्कत से इसके लिए मनाया और काफ़ी ना नुकुर के बाद आख़िरकार वो मान ही गए। मेरे घर पे भी पूछा गया के किस लिए दिल्ली जाना है? अभी तो लखनऊ से व...